Hari Hara Veera Mallu Review: पवन कल्याण के फैंस के लिए तोहफा है ये फिल्म, सनातन की रक्षा के लिए निकले एक्टर का स्टारडम तमाम कमियों पर भारी
सुपरस्टार क्या होता, जी नहीं सुपरस्टार वो नहीं होता एक अच्छी फिल्म को चला दे, सुपरस्टार वो होता है जिसके नाम पर लोग फिल्म देखने आ जाएं, फिर चाहे फिल्म में कुछ कमियां भी हों, लोगों को उस सुपरस्टार को देखना है, ऐसे ही सुपरस्टार हैं पवन कल्याण, तेलूगु इंडस्ट्री में पवन कल्याण का जलवा जबरदस्त है, और अब तो वो आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम भी हैं, ऐसे में उनकी फिल्म का आना किसी त्योहार से कम नहीं है और ये फिल्म पवन कल्याण के स्टारडम को ही कायदे से सेलिब्रेट करती है, इस फिल्म में पवन कल्याण उस अवतार में हैं जिन्हें देखने उनके फैंस थिएटर में जाएंगे ही जाएंगे. कहानी - ये कहानी 17 वीं सदी की है, जब वीरमल्लु यानि पवन कल्याण नाम का एक योद्धा हुआ करता था, उस वकत औरंगजेब यानि बॉबी देओल ने हिंदूूओं पर जजिया नाम का टैक्स लगाया था , उस वक्त वीरमल्लु सनातम धर्म के योद्धा के रूप में उभरे, और मुगलों से कोहीनूर हीरा चुराने के मिशन पर लग गए , अब क्या वो ऐसा कर पाएंगे, क्या वो हिंदुओं को उस टैक्स से बचा पाएंगे, इसके लिए आपको थिएटर जाना होगा, ये फिल्म हिंदी में भी रिलीज की गई है कैसी है फिल्म - ये पूरी तरह से पवन कल्याण की हीरोइज्म को दिखाती फिल्म है, ये पूरी तरह से सनातन धर्म का गुणगान करती फिल्म है, और यहां मुगलों की नेगेटिव साइड दिखाई गई है, उन्हें बेकार में महान बताने की कोशिश नहीं की गई है, फिल्म का फर्स्ट हाफ बढ़िया है, आपको पवन कल्याण का जबरदस्त अवतार देखने को मिलता है, उन्हें पर्दे पर देखकर आपको उनके सुपरस्टार होने का अहसास होता है, लेकिन सेकेंड हाफ खिंचा हुआ लगता है. ऐसा लगता है कि उसे थोड़ा छोटा किया जा सकता था, फिल्म की लंबाई अखरती है, फिल्म की राइटिंग में भी कमियां हैं, स्क्रीनप्ले बेहतर हो सकता था लेकिन इसके बावजूद पवन कल्याण अपने दम पर इस फिल्म को खींच ले जाते हैं, उनके फैंस उन्हेंं देखने जाएंगे ही जाएंगे और हिंदी दर्शकों को भी ये अहसास होगा कि पवन कल्याण का कद साउथ इंडस्ट्री में क्यों इतना बड़ा है एक्टिंग- पवन कल्याण ने कमाल का काम किया है, वो हर फ्रेम में, हर सीन में छाए हुए हैं, उनके अंदर कमाल की एनर्जी दिखती है, उन्होंने इस फिल्म को कई साल दिए हैं और ये उन्हें देखकर पता चलता है, बॉबी देओल का काम भी जबरदस्त है, वो स्क्रीन पर कमाल लगते हैं, निधि अग्रवाल का काम अच्छा है,सत्यराज इम्प्रेस करते हैं राइटिंग और डायरेक्शन- इस फिल्म को ए एम ज्योति कृष्णा ने लिखा है और डायरेक्ट किया है कृष जगरलामुडी और ज्योति कृष्णा ने , राइटिंग बेहतर हो सकती थी, खासतौर पर सेकेंड हाफ में, फिल्म को छोटा किया जा सकता था, डायरेक्शन अच्छा है, खासतौर पर पवन कल्याण वाले सीन काफी असरदार हैं ,vfx और बेहतर हो सकते थे म्यूजिक- एमएम कीरवानी का म्यूजिक अच्छा है , गाने फिल्म की फील के हिसाब से अच्छे लगते हैं कुल मिलाकर पवन कल्याण के स्टारडम को देखना है तो ये फिल्म देखिए रेटिंग- 3 स्टार्स

सुपरस्टार क्या होता, जी नहीं सुपरस्टार वो नहीं होता एक अच्छी फिल्म को चला दे, सुपरस्टार वो होता है जिसके नाम पर लोग फिल्म देखने आ जाएं, फिर चाहे फिल्म में कुछ कमियां भी हों, लोगों को उस सुपरस्टार को देखना है, ऐसे ही सुपरस्टार हैं पवन कल्याण, तेलूगु इंडस्ट्री में पवन कल्याण का जलवा जबरदस्त है, और अब तो वो आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम भी हैं, ऐसे में उनकी फिल्म का आना किसी त्योहार से कम नहीं है और ये फिल्म पवन कल्याण के स्टारडम को ही कायदे से सेलिब्रेट करती है, इस फिल्म में पवन कल्याण उस अवतार में हैं जिन्हें देखने उनके फैंस थिएटर में जाएंगे ही जाएंगे.
कहानी - ये कहानी 17 वीं सदी की है, जब वीरमल्लु यानि पवन कल्याण नाम का एक योद्धा हुआ करता था, उस वकत औरंगजेब यानि बॉबी देओल ने हिंदूूओं पर जजिया नाम का टैक्स लगाया था , उस वक्त वीरमल्लु सनातम धर्म के योद्धा के रूप में उभरे, और मुगलों से कोहीनूर हीरा चुराने के मिशन पर लग गए , अब क्या वो ऐसा कर पाएंगे, क्या वो हिंदुओं को उस टैक्स से बचा पाएंगे, इसके लिए आपको थिएटर जाना होगा, ये फिल्म हिंदी में भी रिलीज की गई है
कैसी है फिल्म - ये पूरी तरह से पवन कल्याण की हीरोइज्म को दिखाती फिल्म है, ये पूरी तरह से सनातन धर्म का गुणगान करती फिल्म है, और यहां मुगलों की नेगेटिव साइड दिखाई गई है, उन्हें बेकार में महान बताने की कोशिश नहीं की गई है, फिल्म का फर्स्ट हाफ बढ़िया है, आपको पवन कल्याण का जबरदस्त अवतार देखने को मिलता है, उन्हें पर्दे पर देखकर आपको उनके सुपरस्टार होने का अहसास होता है, लेकिन सेकेंड हाफ खिंचा हुआ लगता है.
ऐसा लगता है कि उसे थोड़ा छोटा किया जा सकता था, फिल्म की लंबाई अखरती है, फिल्म की राइटिंग में भी कमियां हैं, स्क्रीनप्ले बेहतर हो सकता था लेकिन इसके बावजूद पवन कल्याण अपने दम पर इस फिल्म को खींच ले जाते हैं, उनके फैंस उन्हेंं देखने जाएंगे ही जाएंगे और हिंदी दर्शकों को भी ये अहसास होगा कि पवन कल्याण का कद साउथ इंडस्ट्री में क्यों इतना बड़ा है
एक्टिंग- पवन कल्याण ने कमाल का काम किया है, वो हर फ्रेम में, हर सीन में छाए हुए हैं, उनके अंदर कमाल की एनर्जी दिखती है, उन्होंने इस फिल्म को कई साल दिए हैं और ये उन्हें देखकर पता चलता है, बॉबी देओल का काम भी जबरदस्त है, वो स्क्रीन पर कमाल लगते हैं, निधि अग्रवाल का काम अच्छा है,सत्यराज इम्प्रेस करते हैं
राइटिंग और डायरेक्शन- इस फिल्म को ए एम ज्योति कृष्णा ने लिखा है और डायरेक्ट किया है कृष जगरलामुडी और ज्योति कृष्णा ने , राइटिंग बेहतर हो सकती थी, खासतौर पर सेकेंड हाफ में, फिल्म को छोटा किया जा सकता था, डायरेक्शन अच्छा है, खासतौर पर पवन कल्याण वाले सीन काफी असरदार हैं ,vfx और बेहतर हो सकते थे
म्यूजिक- एमएम कीरवानी का म्यूजिक अच्छा है , गाने फिल्म की फील के हिसाब से अच्छे लगते हैं
कुल मिलाकर पवन कल्याण के स्टारडम को देखना है तो ये फिल्म देखिए
रेटिंग- 3 स्टार्स
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