Rajkummar Rao Birthday: मां के निधन के अगले दिन ही शूटिंग पर लौटे थे राजकुमार राव, ऐसे बनाया बॉलीवुड में अपना मुकाम

अभिनेता राजकुमार राव हिंदी सिनेमा के उन सितारों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बॉलीवुड में एक खास मुकाम हासिल किया. उनकी कहानी मेहनत, लगन और प्रतिभा का एक शानदार उदाहरण है. एक साधारण परिवार से निकलकर बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार होने तक उनकी यात्रा प्रेरणादायक है. उनकी ये जर्नी आसान नहीं रही. एक वक्त ऐसा भी आया जब मां के निधन के अगले ही दिन उन्हें काम पर लौटना पड़ा. अभिनेता के जन्मदिन पर जानिए ये अनसुना किस्सा.  निजी दुख छुपाकर कैमरे के सामने दिया बेस्ट परफॉर्मेंस राजकुमार राव का जन्म हरियाणा के गुरुग्राम में एक मध्यमवर्गीय परिवार में 31 अगस्त 1984 को हुआ था. अभिनेता का असली नाम उनका असली नाम राजकुमार यादव है. उनके पिता सत्यपाल यादव हरियाणा के राजस्व विभाग में कर्मचारी और उनकी मां कमलेश यादव एक गृहिणी थीं. बचपन से ही राजकुमार को अभिनय और सिनेमा का शौक था. वे अक्सर आमिर खान और मनोज बाजपेयी जैसे अभिनेताओं की नकल किया करते थे और उनके प्रदर्शन से प्रेरित होते थे. राजकुमार राव की निजी जिंदगी भी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है. 2017 में राजकुमार की मां का देहांत हो गया था और अगले ही दिन फिल्म 'न्यूटन' की शूटिंग के लिए सेट पर लौट गए थे. इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि मां भी उनके इस एटीट्यूड को पसंद करती थीं कि मैं काम के प्रति ईमानदार रहूं. ये घटना काम के प्रति एक्टर के कमिटमेंट और उनके माइंडसेट को दर्शाने के लिए काफी है. इसके बाद साल 2019 में उनके सिर से पिता का हाथ भी उठ गया. 60 साल की उम्र में उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में अपनी अंतिम सांसें लीं. इस घटना के दो साल बाद राजकुमार राव ने 2021 में सहपाठी रहीं पत्रलेखा से शादी कर ली थी.           View this post on Instagram                       A post shared by RajKummar Rao (@rajkummar_rao) राजकुमार राव का शुरूआती जीवन और करियर राजकुमार ने अपनी स्कूली शिक्षा गुरुग्राम के एस.एन. सिद्धेश्वर स्कूल से पूरी की. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से कला में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने थिएटर शुरू कर दिया था. दिल्ली के 'क्षितिज थिएटर ग्रुप' और 'श्री राम सेंटर' में अभिनय की बारीकियां सीखते हुए उन्होंने अपने सपनों को पंख दिए. 2008 में उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में दो साल का एक्टिंग कोर्स किया, जहां उनकी प्रतिभा में और निखार आया.मुंबई आने के बाद राजकुमार का शुरुआती समय संघर्षों से भरा था. छोटे-छोटे विज्ञापनों में काम करने से लेकर उन्हें स्टूडियो के चक्कर काटने पड़े. दिबाकर बनर्जी की फिल्म ने बदल दी जिंदगी 2010 में एक अखबार के विज्ञापन को देखकर उन्होंने दिबाकर बनर्जी की फिल्म 'लव, सेक्स और धोखा' के लिए ऑडिशन दिया और चुने गए. यह फिल्म उनके करियर का पहला बड़ा कदम थी. 2013 में राजकुमार ने 'काय पो छे!' और 'शाहिद' जैसी फिल्मों के साथ अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया. 'शाहिद' में वकील शाहिद आजमी की भूमिका के लिए उन्होंने कुरान पढ़ा, अदालती कार्यवाहियों को समझा और किरदार में पूरी तरह ढल गए. इस फिल्म ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड दिलाया. इसके बाद क्वीन (2014), अलीगढ़ (2016), ट्रैप्ड (2016), और न्यूटन (2017) जैसी फिल्मों से उनकी बहुमुखी प्रतिभा दुनिया के सामने आई. 2018 में 'स्त्री' ने उन्हें व्यावसायिक सफलता दी. 2024 में 'स्त्री 2' उनकी अब तक की सबसे बड़ी हिट साबित हुई. हाल ही में राजकुमार की रिलीज हुई फिल्म 'मालिक' में गैंगस्टर की भूमिका के लिए उन्हें सराहना मिली, हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 'स्त्री 2' की तरह चमक नहीं पाई. अगर उनके अपकमिंग  प्रोजेक्ट की बात करें तो वे सौरव गांगुली की बायोपिक की तैयारी में जुटे हैं, जिसकी शूटिंग 2026 में शुरू होने की संभावना है.

Aug 30, 2025 - 19:30
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Rajkummar Rao Birthday: मां के निधन के अगले दिन ही शूटिंग पर लौटे थे राजकुमार राव, ऐसे बनाया बॉलीवुड में अपना मुकाम

अभिनेता राजकुमार राव हिंदी सिनेमा के उन सितारों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बॉलीवुड में एक खास मुकाम हासिल किया. उनकी कहानी मेहनत, लगन और प्रतिभा का एक शानदार उदाहरण है. एक साधारण परिवार से निकलकर बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार होने तक उनकी यात्रा प्रेरणादायक है. उनकी ये जर्नी आसान नहीं रही. एक वक्त ऐसा भी आया जब मां के निधन के अगले ही दिन उन्हें काम पर लौटना पड़ा. अभिनेता के जन्मदिन पर जानिए ये अनसुना किस्सा. 

निजी दुख छुपाकर कैमरे के सामने दिया बेस्ट परफॉर्मेंस 
राजकुमार राव का जन्म हरियाणा के गुरुग्राम में एक मध्यमवर्गीय परिवार में 31 अगस्त 1984 को हुआ था. अभिनेता का असली नाम उनका असली नाम राजकुमार यादव है. उनके पिता सत्यपाल यादव हरियाणा के राजस्व विभाग में कर्मचारी और उनकी मां कमलेश यादव एक गृहिणी थीं.

बचपन से ही राजकुमार को अभिनय और सिनेमा का शौक था. वे अक्सर आमिर खान और मनोज बाजपेयी जैसे अभिनेताओं की नकल किया करते थे और उनके प्रदर्शन से प्रेरित होते थे. राजकुमार राव की निजी जिंदगी भी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है. 2017 में राजकुमार की मां का देहांत हो गया था और अगले ही दिन फिल्म 'न्यूटन' की शूटिंग के लिए सेट पर लौट गए थे.

इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि मां भी उनके इस एटीट्यूड को पसंद करती थीं कि मैं काम के प्रति ईमानदार रहूं. ये घटना काम के प्रति एक्टर के कमिटमेंट और उनके माइंडसेट को दर्शाने के लिए काफी है. इसके बाद साल 2019 में उनके सिर से पिता का हाथ भी उठ गया. 60 साल की उम्र में उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में अपनी अंतिम सांसें लीं. इस घटना के दो साल बाद राजकुमार राव ने 2021 में सहपाठी रहीं पत्रलेखा से शादी कर ली थी.

 
 
 
 
 
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राजकुमार राव का शुरूआती जीवन और करियर 
राजकुमार ने अपनी स्कूली शिक्षा गुरुग्राम के एस.एन. सिद्धेश्वर स्कूल से पूरी की. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से कला में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने थिएटर शुरू कर दिया था.

दिल्ली के 'क्षितिज थिएटर ग्रुप' और 'श्री राम सेंटर' में अभिनय की बारीकियां सीखते हुए उन्होंने अपने सपनों को पंख दिए. 2008 में उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में दो साल का एक्टिंग कोर्स किया, जहां उनकी प्रतिभा में और निखार आया.मुंबई आने के बाद राजकुमार का शुरुआती समय संघर्षों से भरा था. छोटे-छोटे विज्ञापनों में काम करने से लेकर उन्हें स्टूडियो के चक्कर काटने पड़े.

दिबाकर बनर्जी की फिल्म ने बदल दी जिंदगी 
2010 में एक अखबार के विज्ञापन को देखकर उन्होंने दिबाकर बनर्जी की फिल्म 'लव, सेक्स और धोखा' के लिए ऑडिशन दिया और चुने गए. यह फिल्म उनके करियर का पहला बड़ा कदम थी.

2013 में राजकुमार ने 'काय पो छे!' और 'शाहिद' जैसी फिल्मों के साथ अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया. 'शाहिद' में वकील शाहिद आजमी की भूमिका के लिए उन्होंने कुरान पढ़ा, अदालती कार्यवाहियों को समझा और किरदार में पूरी तरह ढल गए. इस फिल्म ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड दिलाया.

इसके बाद क्वीन (2014), अलीगढ़ (2016), ट्रैप्ड (2016), और न्यूटन (2017) जैसी फिल्मों से उनकी बहुमुखी प्रतिभा दुनिया के सामने आई. 2018 में 'स्त्री' ने उन्हें व्यावसायिक सफलता दी. 2024 में 'स्त्री 2' उनकी अब तक की सबसे बड़ी हिट साबित हुई.

हाल ही में राजकुमार की रिलीज हुई फिल्म 'मालिक' में गैंगस्टर की भूमिका के लिए उन्हें सराहना मिली, हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 'स्त्री 2' की तरह चमक नहीं पाई. अगर उनके अपकमिंग  प्रोजेक्ट की बात करें तो वे सौरव गांगुली की बायोपिक की तैयारी में जुटे हैं, जिसकी शूटिंग 2026 में शुरू होने की संभावना है.

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