बॉलीवुड सामाजिक धारणाओं को आकार देता है: यौन कार्य, रूढ़िवादिता और सिनेमाई आख्यानों में एक गहरी पैठ

Bollywood ने decades से society ke norms aur stereotypes ko reflect aur shape किया है. Jab बात आती hai sex work की, तो ज्यादातर फिल्मों में इसे एक  negative lens दिख जाता है  कभी “fallen woman,” कभी “helpless victim,”और  कभी “dangerous temptress.” इस वजह से audience के दीमाक  fixed imageबन गई है . लेकिन टाइम  साथ कुछ फिल्मों ने इस narrative को challenge किया. Chandni Bar, Begum Jaan aur Gangubai Kathiawadi जैसी movies ने दिखाया की यह सिर्फ एक  glamorous ya shameful world नहीं है बल्कि struggle, survival और dignity की कहानी है i. Cinema एक  mass mediumहै जो लोगो के  emotionsऔर सोच पे  असर डालता hai. Jab filmmakers stereotype तोड़ते हैं, तब वह society को एक नया नजरिया dete हैं.इसी वजह से  Bollywood सिर्फ एक  entertainment industry नहीं बल्कि  cultural power है जो  perception और  mindset दोनों  बदल सकती है.

Aug 29, 2025 - 17:30
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बॉलीवुड सामाजिक धारणाओं को आकार देता है: यौन कार्य, रूढ़िवादिता और सिनेमाई आख्यानों में एक गहरी पैठ

Bollywood ने decades से society ke norms aur stereotypes ko reflect aur shape किया है. Jab बात आती hai sex work की, तो ज्यादातर फिल्मों में इसे एक  negative lens दिख जाता है  कभी “fallen woman,” कभी “helpless victim,”और  कभी “dangerous temptress.” इस वजह से audience के दीमाक  fixed imageबन गई है . लेकिन टाइम  साथ कुछ फिल्मों ने इस narrative को challenge किया. Chandni Bar, Begum Jaan aur Gangubai Kathiawadi जैसी movies ने दिखाया की यह सिर्फ एक  glamorous ya shameful world नहीं है बल्कि struggle, survival और dignity की कहानी है i. Cinema एक  mass mediumहै जो लोगो के  emotionsऔर सोच पे  असर डालता hai. Jab filmmakers stereotype तोड़ते हैं, तब वह society को एक नया नजरिया dete हैं.इसी वजह से  Bollywood सिर्फ एक  entertainment industry नहीं बल्कि  cultural power है जो  perception और  mindset दोनों  बदल सकती है.

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