बिग बी के स्टारडम के लिए खतरा बन गया था ये एक्टर, सिंगल स्क्रीन के कहे जाते थे 'किंग', लाखों में थी एक दिन की फीस

लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद अमिताभ बच्चन का करियर परवान चढ़ा था और वे मेगास्टार बने थे. दरअसल सुपरस्टार की किस्मत ‘ज़ंजीर’ की रिलीज़ के साथ बदल गई थी और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वहीं लंबे समय तक यही माना जाता रहा कि केवल विनोद खन्ना ही बिग बी के ऑन-स्क्रीन करिश्मे की बराबरी कर सकते हैं.  लेकिन जैसे ही उनका करियर पीक पर पहुंचा, विनोद खन्ना ने फिल्मों से ब्रेक ले लिया था. हालांकि 80 के दशक में एक और अभिनेता था जिसने अमिताभ बच्चन को कड़ी टक्कर दी थी, और वह कोई और नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के 'डिस्को डांसर', मिथुन चक्रवर्ती थे. चक्रवर्ती भले ही बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर रहे हों, लेकिन 1980 और 1990 के दशक में उनकी पॉपुलैरिटी ने ऐसी बुलंदियों को छुआ कि बिग बी का स्टारडम खतरे में पड़ गया था. मिथुन की हर फिल्म 100% दर्शकों के साथ रिलीज होती थीहाल ही में एक डिजिटल पॉडकास्ट में, बिहार के सबसे पुराने थिएटर, पूर्णिया स्थित रूपबानी सिनेमा के मालिक, विशेक चौहान ने मिथुन चक्रवर्ती के स्टारडम की पुरानी यादें शेयर की. उन्होंने बताया कि कैसे इस अभिनेता ने मुश्किल दौर में सिंगल-स्क्रीन थिएटरों को ज़िंदा रखा था. चौहान ने कहा, "मिथुन चक्रवर्ती एक लीजेंड हैं, चाहे कोई कुछ भी कहे. एक समय था जब वह हमें महीने में दो फ़िल्में देते थे. मिथुन की हर रिलीज़ 100% दर्शकों के साथ रिलीज़ होती थी. हमें पता था कि अगर यह उनकी फिल्म है, तो हफ़्ता अच्छा जाएगा." मिथुन को कहा गया था कभी हीरो नहीं बन पाओगेहालांकि मिथुन चक्रवर्ती को अपने करियर के शुरुआती दिनों में काफ़ी संघर्षों का सामना करना पड़ा था. कुछ फ़िल्म निर्माताओं ने तो उनसे यहाँ तक कहा था, "तुम कभी हीरो नहीं बन पाओगे." लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत से खुद को साबिक किया. उन्हें अपनी पहली ही फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. अमिताभ बच्चन से बेहतर मानने लगे थे लोगचौहान ने आगे कहा कि चक्रवर्ती ने सिनेमा को आम जनता के दिलों में बसाए रखने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, "जब बॉलीवुड एलिट फेज के दौर की ओर बढ़ रहा था, मिथुन चक्रवर्ती ने सिनेमा को ज़मीनी स्तर पर बनाए रखा. 1985 से 1990 के बीच उन्होंने इतनी हिट फ़िल्में दीं कि लोग उन्हें अमिताभ बच्चन से भी बेहतर मानने लगे." उस युग में मिथुन की पॉपुलैरिटी पीक पर थी. खासतौर रर टियर 2 और टियर 3 शहरों में, उनकी फिल्में देखने के लिए थिएटर खचाखच भरे रहते थे. क्या है मिथुन चक्रवर्ती का यूनिक ऊटी मॉडलचौहान ने चक्रवर्ती के अनोखे लेकिन बेहद प्रभावी बिज़नेस मॉडल के बारे में भी बात की. मिथुन चक्रवर्ती की ज़्यादातर फ़िल्में ऊटी में शूट होती थीं. बजट कम था, क्रू कम था, और शेड्यूल भी टाइट था.  कथित तौर पर चक्रवर्ती प्रतिदिन 1 लाख रुपये लेते थे, जो उस समय बहुत बड़ी रकम थी, और सिर्फ़ ऊटी में ही शूटिंग करने पर ज़ोर देते थे. पूरी क्रू उनके अपने घर, मोनार्क होटल में ठहरती थी. यहां तक कि थिएटर मालिक भी डील फाइनल करने के लिए ऊटी आते थे, जिससे यह एक छोटी सी इंडस्ट्री बन गई थी. मिथुन चक्रवर्ती वर्क फ्रंटमिथुन चक्रवर्ती आज भी फिल्मों में फुल एक्टिव हैं. वे हाल ही में मई में रिलीज़ हुई रोमांटिक-कॉमेडी लीगल ड्रामा 'श्रीमान वर्सेस श्रीमती' में नज़र आए थे. वह विवेक अग्निहोत्री की मच अवेटेज फिल्म 'द बंगाल फाइल्स: राइट टू लाइफ' में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो 5 सितंबर, 2025 को रिलीज़ होने वाली है.   ये भी पढ़ें:-दंगों में जला दी गई थी पिता की कार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर से बनी एक्ट्रेस, बॉलीवुड में दे चुकी है 100 करोड़ी फिल्म, जानें- कौन है ये हसीना

Jul 31, 2025 - 14:30
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बिग बी के स्टारडम के लिए खतरा बन गया था ये एक्टर, सिंगल स्क्रीन के कहे जाते थे 'किंग', लाखों में थी एक दिन की फीस

लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद अमिताभ बच्चन का करियर परवान चढ़ा था और वे मेगास्टार बने थे. दरअसल सुपरस्टार की किस्मत ‘ज़ंजीर’ की रिलीज़ के साथ बदल गई थी और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वहीं लंबे समय तक यही माना जाता रहा कि केवल विनोद खन्ना ही बिग बी के ऑन-स्क्रीन करिश्मे की बराबरी कर सकते हैं.  लेकिन जैसे ही उनका करियर पीक पर पहुंचा, विनोद खन्ना ने फिल्मों से ब्रेक ले लिया था.

हालांकि 80 के दशक में एक और अभिनेता था जिसने अमिताभ बच्चन को कड़ी टक्कर दी थी, और वह कोई और नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के 'डिस्को डांसर', मिथुन चक्रवर्ती थे. चक्रवर्ती भले ही बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर रहे हों, लेकिन 1980 और 1990 के दशक में उनकी पॉपुलैरिटी ने ऐसी बुलंदियों को छुआ कि बिग बी का स्टारडम खतरे में पड़ गया था.

मिथुन की हर फिल्म 100% दर्शकों के साथ रिलीज होती थी
हाल ही में एक डिजिटल पॉडकास्ट में, बिहार के सबसे पुराने थिएटर, पूर्णिया स्थित रूपबानी सिनेमा के मालिक, विशेक चौहान ने मिथुन चक्रवर्ती के स्टारडम की पुरानी यादें शेयर की. उन्होंने बताया कि कैसे इस अभिनेता ने मुश्किल दौर में सिंगल-स्क्रीन थिएटरों को ज़िंदा रखा था. चौहान ने कहा, "मिथुन चक्रवर्ती एक लीजेंड हैं, चाहे कोई कुछ भी कहे. एक समय था जब वह हमें महीने में दो फ़िल्में देते थे. मिथुन की हर रिलीज़ 100% दर्शकों के साथ रिलीज़ होती थी. हमें पता था कि अगर यह उनकी फिल्म है, तो हफ़्ता अच्छा जाएगा."


मिथुन को कहा गया था कभी हीरो नहीं बन पाओगे
हालांकि मिथुन चक्रवर्ती को अपने करियर के शुरुआती दिनों में काफ़ी संघर्षों का सामना करना पड़ा था. कुछ फ़िल्म निर्माताओं ने तो उनसे यहाँ तक कहा था, "तुम कभी हीरो नहीं बन पाओगे." लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत से खुद को साबिक किया. उन्हें अपनी पहली ही फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था.

अमिताभ बच्चन से बेहतर मानने लगे थे लोग
चौहान ने आगे कहा कि चक्रवर्ती ने सिनेमा को आम जनता के दिलों में बसाए रखने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, "जब बॉलीवुड एलिट फेज के दौर की ओर बढ़ रहा था, मिथुन चक्रवर्ती ने सिनेमा को ज़मीनी स्तर पर बनाए रखा. 1985 से 1990 के बीच उन्होंने इतनी हिट फ़िल्में दीं कि लोग उन्हें अमिताभ बच्चन से भी बेहतर मानने लगे."

उस युग में मिथुन की पॉपुलैरिटी पीक पर थी. खासतौर रर टियर 2 और टियर 3 शहरों में, उनकी फिल्में देखने के लिए थिएटर खचाखच भरे रहते थे.


क्या है मिथुन चक्रवर्ती का यूनिक ऊटी मॉडल
चौहान ने चक्रवर्ती के अनोखे लेकिन बेहद प्रभावी बिज़नेस मॉडल के बारे में भी बात की. मिथुन चक्रवर्ती की ज़्यादातर फ़िल्में ऊटी में शूट होती थीं. बजट कम था, क्रू कम था, और शेड्यूल भी टाइट था.  कथित तौर पर चक्रवर्ती प्रतिदिन 1 लाख रुपये लेते थे, जो उस समय बहुत बड़ी रकम थी, और सिर्फ़ ऊटी में ही शूटिंग करने पर ज़ोर देते थे. पूरी क्रू उनके अपने घर, मोनार्क होटल में ठहरती थी. यहां तक कि थिएटर मालिक भी डील फाइनल करने के लिए ऊटी आते थे, जिससे यह एक छोटी सी इंडस्ट्री बन गई थी.


मिथुन चक्रवर्ती वर्क फ्रंट
मिथुन चक्रवर्ती आज भी फिल्मों में फुल एक्टिव हैं. वे हाल ही में मई में रिलीज़ हुई रोमांटिक-कॉमेडी लीगल ड्रामा 'श्रीमान वर्सेस श्रीमती' में नज़र आए थे. वह विवेक अग्निहोत्री की मच अवेटेज फिल्म 'द बंगाल फाइल्स: राइट टू लाइफ' में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो 5 सितंबर, 2025 को रिलीज़ होने वाली है.

 

ये भी पढ़ें:-दंगों में जला दी गई थी पिता की कार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर से बनी एक्ट्रेस, बॉलीवुड में दे चुकी है 100 करोड़ी फिल्म, जानें- कौन है ये हसीना

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